श्री ब्राह्मणी माता की आरती

श्री ब्राह्मणी माता की आरती ॐ ब्रह्माणी मैय्या, जय ब्रह्माणी मैय्या ।पल्लू धाम विराजत…, सब जन कल्याणी ॥ॐ जय माँ ब्रह्माणी… मंगल मोदमयी माँ, पीताम्बर धारी मैय्या ।स्वर्ण छत्र से शोभित…, हंसन असवारी ॥ॐ जय माँ ब्रह्माणी… कर में तेरे कमंड़ल, अक्ष माला सोहे मैय्या ।लाल ध्वजा फहराये…, सबका मन मोहे ॥ॐ जय माँ ब्रह्माणी… पत्र पुष्प […]

मां बगलामुखी की आरती

मां बगलामुखी की आरती जय जय श्री बगलामुखी माता, आरती करहुँ तुम्हारी ।पीत वसन तन पर तव सोहै, कुण्डल की छबि न्यारी ॥ कर कमलों में मुदगर धारै, अस्तुति करहिं सकल नर नारी ।चम्पक माल गले लहरावे,  सुर नर मुनि जय जयति उचारी ॥ त्रिविध ताप मिटि जात सकल सब, भक्ति सदा तव है सुखकारी […]

श्री बृहस्पति देव की आरती

श्री बृहस्पति देव की आरती जय बृहस्पति देवा, ॐ जय बृहस्पति देवा ।छिन छिन भोग लगाऊं, कदली फल मेवा ॥ॐ जय बृहस्पति देवा… तुम पूरण परमात्मा, तुम अंतर्यामी ।जगतपिता जगदीश्वर, तुम सबके स्वामी ॥ॐ जय बृहस्पति देवा… चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता ।सकल मनोरथ दायक, कृपा करो भर्ता ॥ॐ जय बृहस्पति देवा… तन, मन, […]

उजली माता की आरती

श्री उजली माता की आरती ॐ जय उजली माता, जय उजली माता ।ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल की दाता ॥ॐ जय उजली माता… अरिकुल पदम्  विनाशनि जन सेवक त्राता ।जग जीवन जगदंबा हरिहर गुण गाता जय ॥ॐ जय उजली माता… सिंह को वाहन साजे कुण्डल है साथा ।देव वधू जहं गावत नृत्य करत ता था […]

श्री शीतला माता की आरती

श्री शीतला माता की आरती जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता ।आदि ज्योति महारानी सब फल की दाता ॥ॐ जय शीतला माता… रतन सिंहासन शोभित, श्वेत छत्र भाता ।ऋद्धि-सिद्धि चंवर ढुलावें, जगमग छवि छाता ॥ॐ जय शीतला माता… विष्णु सेवत ठाढ़े, सेवें शिव धाता ।वेद पुराण बरणत पार नहीं पाता ॥ॐ जय शीतला माता… इन्द्र मृदंग बजावत चन्द्र वीणा […]

श्री भगवद्‍ गीता की आरती

श्री भगवद्‍ गीता की आरती जय भगवद् गीते, जय भगवद् गीते ।हरि-हिय-कमल-विहारिणि सुन्दर सुपुनीते ॥जय भगवद् गीते… कर्म-सुमर्म-प्रकाशिनि कामासक्तिहरा ।तत्त्वज्ञान-विकाशिनि विद्या ब्रह्म परा ॥जय भगवद् गीते… निश्चल-भक्ति-विधायिनि निर्मल मलहारी ।शरण-सहस्य-प्रदायिनि सब विधि सुखकारी॥जय भगवद् गीते… राग-द्वेष-विदारिणि कारिणि मोद सदा ।भव-भय-हारिणि तारिणि परमानन्दप्रदा ॥जय भगवद् गीते… आसुर-भाव-विनाशिनि नाशिनि तम रजनी ।दैवी सद् गुणदायिनि हरि-रसिका सजनी ॥जय […]

सीता माता की आरती

सीता माता की आरती आरती श्री जनक दुलारी की ।सीता जी रघुवर प्यारी की ॥ जगत जननी जग की विस्तारिणी,नित्य सत्य साकेत विहारिणी ।परम दयामयी दिनोधारिणी,सीता मैया भक्तन हितकारी की ॥ आरती श्री जनक दुलारी की ।सीता जी रघुवर प्यारी की ॥ सती श्रोमणि पति हित कारिणी,पति सेवा वित्त वन वन चारिणी ।पति हित पति वियोग […]