श्री संतोषी माता आरती
श्री संतोषी माता आरती जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता।अपने सेवक जन को, सुख संपत्ति दाता।।जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता.. सुंदर, चीर सुनहरी, मां धारण कीन्हो।हीरा पन्ना दमके, तन श्रृंगार लीन्हो।।जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता.. गेरू लाल छटा छवि, बदन कमल सोहे।मंद हंसत करूणामयी, त्रिभुवन जन मोहे।।जय संतोषी माता, मैया […]
श्री शनिदेव आरती
श्री शनिदेव आरती जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी ।सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी ॥॥ जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी ॥ श्याम अंक वक्र दृष्ट चतुर्भुजा धारी ।नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी ॥॥ जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी ॥ क्रीट मुकुट शीश रजित दिपत है लिलारी ।मुक्तन की माला गले […]
आरती कृष्ण जी की
आरती कृष्ण जी की ‘बिहारी’ भगवान कृष्ण के हजारों नामों में से एक है और कुंज का तात्पर्य वृन्दावन के हरे-भरे उपवनों से है। कुंजबिहारी का अर्थ है, वृन्दावन की हरियाली में विचरण करने वाले परम भगवान कृष्ण। आरती कुंज बिहारी की भगवान कृष्ण की सबसे प्रसिद्ध आरती में से एक है। कृष्ण जन्माष्टमी या […]
श्री राम स्तुति
श्री राम स्तुति या श्री रामचंद्र कृपालु भजन, श्री गोस्वामी तुलसीदास द्वारा लिखित मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की स्तुति है। यह एक प्रार्थना है जो भगवान राम की महिमा करती है। इसे सम्पूर्ण ध्यान और श्रद्धा पूर्वक पाठ करें। प्रभु श्री रामचंद्र जी की कृपा अवस्य होगी। भगवान श्री राम की कृपा पाने के लिए भक्ति के साथ […]
