श्री शीतला माता की आरती

श्री शीतला माता की आरती जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता ।आदि ज्योति महारानी सब फल की दाता ॥ॐ जय शीतला माता… रतन सिंहासन शोभित, श्वेत छत्र भाता ।ऋद्धि-सिद्धि चंवर ढुलावें, जगमग छवि छाता ॥ॐ जय शीतला माता… विष्णु सेवत ठाढ़े, सेवें शिव धाता ।वेद पुराण बरणत पार नहीं पाता ॥ॐ जय शीतला माता… इन्द्र मृदंग बजावत चन्द्र वीणा […]

श्री भगवद्‍ गीता की आरती

श्री भगवद्‍ गीता की आरती जय भगवद् गीते, जय भगवद् गीते ।हरि-हिय-कमल-विहारिणि सुन्दर सुपुनीते ॥जय भगवद् गीते… कर्म-सुमर्म-प्रकाशिनि कामासक्तिहरा ।तत्त्वज्ञान-विकाशिनि विद्या ब्रह्म परा ॥जय भगवद् गीते… निश्चल-भक्ति-विधायिनि निर्मल मलहारी ।शरण-सहस्य-प्रदायिनि सब विधि सुखकारी॥जय भगवद् गीते… राग-द्वेष-विदारिणि कारिणि मोद सदा ।भव-भय-हारिणि तारिणि परमानन्दप्रदा ॥जय भगवद् गीते… आसुर-भाव-विनाशिनि नाशिनि तम रजनी ।दैवी सद् गुणदायिनि हरि-रसिका सजनी ॥जय […]

सीता माता की आरती

सीता माता की आरती आरती श्री जनक दुलारी की ।सीता जी रघुवर प्यारी की ॥ जगत जननी जग की विस्तारिणी,नित्य सत्य साकेत विहारिणी ।परम दयामयी दिनोधारिणी,सीता मैया भक्तन हितकारी की ॥ आरती श्री जनक दुलारी की ।सीता जी रघुवर प्यारी की ॥ सती श्रोमणि पति हित कारिणी,पति सेवा वित्त वन वन चारिणी ।पति हित पति वियोग […]

गायत्री माता की आरती

गायत्री माता की आरती जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता ।सत् मारग पर हमें चलाओ, जो है सुखदाता ॥जयति जय गायत्री माता… आदि शक्ति तुम अलख निरंजन, जगपालक क‌र्त्री ।दु:ख शोक, भय, क्लेश, कलश, दारिद्रय, दैन्य हर्त्री ॥जयति जय गायत्री माता… ब्रह्म रूपिणी, प्रणात पालिनी, जगतधातृ अम्बे ।भवभयहारी, जनहितकारी, सुखदा जगदम्बे ॥जयति जय गायत्री माता… भयहारिणी […]

कांगड़ा माता की आरती

कांगड़ा माता की आरती ॐ जय बज्रेश्वरी माता मैया जय बज्रेश्वरी माता ।कांगड़ा मंदिर तेरा सबके मन भाता ॥ॐ जय बज्रेश्वरी माता… शक्तिधाम है आंचल पिंडी रूप लिया ।पालनहारी बनकर जग कल्याण किया ॥ॐ जय बज्रेश्वरी माता… जगमग ज्योति जागे अंधियारा हरती ।अन्नपूर्णा तू ही भंडारे भरती ॥ॐ जय बज्रेश्वरी माता… जोड़ा सिंह का दर पे […]

श्री शीतला चालीसा

श्री शीतला चालीसा ॥ दोहा ॥ जय जय माता शीतला, तुमहिं धरै जो ध्यान ।होय विमल शीतल हृदय, विकसै बुद्धी बल ज्ञान ॥घट-घट वासी शीतला, शीतल प्रभा तुम्हार ।शीतल छइयां में झुलई, मइयां पलना डार ॥   ॥ चौपाई ॥ जय-जय-जय श्री शीतला भवानी । जय जग जननि सकल गुणधानी ॥१॥गृह-गृह शक्ति तुम्हारी राजित । […]

श्री तुलसी चालीसा

श्री तुलसी चालीसा ॥ दोहा ॥ जय जय तुलसी भगवती, सत्यवती सुखदानी ।नमो नमो हरि प्रेयसी, श्री वृन्दा गुन खानी ॥श्री हरि शीश बिरजिनी, देहु अमर वर अम्ब ।जनहित हे वृन्दावनी अब न करहु विलम्ब ॥ ॥ चौपाई ॥ धन्य धन्य श्री तलसी माता । महिमा अगम सदा श्रुति गाता ॥१॥हरि के प्राणहु से तुम प्यारी […]

श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा

श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा ॥ दोहा ॥ नमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदम्ब ।सन्तजनों के काज में, करती नहीं विलम्ब ॥   ॥ चौपाई ॥ जय जय जय विन्ध्याचल रानी। आदिशक्ति जगविदित भवानी ॥१॥सिंहवाहिनी जै जगमाता । जै जै जै त्रिभुवन सुखदाता ॥२॥कष्ट निवारण जै जगदेवी । जै जै सन्त असुर सुर सेवी ॥३॥महिमा अमित अपार […]

श्री राणी सती चालीसा

श्री राणी सती चालीसा ॥दोहा॥ श्री गुरु पद पंकज नमन, दुषित भाव सुधार ।राणी सती सू विमल यश, बरणौ मति अनुसार ॥काम क्रोध मद लोभ मै, भरम रह्यो संसार ।शरण गहि करूणामई, सुख सम्पति संसार॥   ॥ चौपाई ॥ नमो नमो श्री सती भवानी । जग विख्यात सभी मन मानी ॥१॥नमो नमो संकट कू हरनी […]