श्री शाकम्भरी चालीसा
श्री शाकम्भरी चालीसा ॥ दोहा ॥ बन्दउ माँ शाकम्भरी, चरणगुरू का धरकर ध्यान । शाकम्भरी माँ चालीसा का, करे प्रख्यान ॥ आनन्दमयी जगदम्बिका, अनन्त रूप भण्डार । माँ शाकम्भरी की कृपा, बनी रहे हर बार ॥ ॥ चौपाई ॥ शाकम्भरी माँ अति सुखकारी । पूर्ण ब्रह्म सदा दुःख हारी ॥१॥ कारण करण जगत की दाता […]
श्री परशुराम चालीसा
श्री परशुराम चालीसा ॥ दोहा ॥ श्री गुरु चरण सरोज छवि, निज मन मन्दिर धारि ।सुमरि गजानन शारदा, गहि आशिष त्रिपुरारि ॥बुद्धिहीन जन जानिये, अवगुणों का भण्डार ।बरणों परशुराम सुयश, निज मति के अनुसार ॥ ॥ चौपाई ॥ जय प्रभु परशुराम सुख सागर । जय मुनीश गुण ज्ञान दिवाकर ॥१॥भृगुकुल मुकुट विकट रणधीरा । क्षत्रिय तेज […]
श्री पितर चालीसा
श्री पितर चालीसा ॥ दोहा ॥ हे पितरेश्वर आपको, दे दियो आशीर्वाद ।चरणाशीश नवा दियो, रखदो सिर पर हाथ ॥सबसे पहले गणपत, पाछे घर का देव मनावा जी ।हे पितरेश्वर दया राखियो, करियो मन की चाया जी ॥ ॥ चौपाई ॥ पितरेश्वर करो मार्ग उजागर । चरण रज की मुक्ति सागर ॥१॥परम उपकार पित्तरेश्वर कीन्हा […]
श्री महावीर चालीसा
श्री महावीर चालीसा ॥ दोहा ॥ शीश नवा अरिहन्त को, सिद्धन करूँ प्रणाम ।उपाध्याय आचार्य का, ले सुखकारी नाम ॥सर्व साधु और सरस्वती, जिन मन्दिर सुखकार ।महावीर भगवान को, मन-मन्दिर में धार ॥ सरस्वती॥ चौपाई ॥ जय महावीर दयालु स्वामी । वीर प्रभु तुम जग में नामी ॥१॥वर्धमान है नाम तुम्हारा । लगे हृदय को प्यारा […]
